*The views expressed in the blog are those of the author.
साधारण बोल चाल की भाषा में हम यदि संगीत चिकित्सा को परिभाषित करते हैं तो इसका साधारण अर्थ “संगीत से इलाज” हमारे समक्ष आता है |
इस पद्धति में मरीज का इलाज संगीत सुनाकर किया जाता है | भारतीय शास्त्रीय संगीत की विशेषताओं के अनुसार भारतीय शास्त्रीय संगीत के रागों का निर्माण समयानुसार किया गया है, इसी के साथ izR;sd राग का अपना एक अलग महत्व एवं प्रभाव है | शास्त्रीय संगीत के ज्ञाताओं एवं संगीत चिकित्सकों का यह मानना है की यदि मरीज को बिमारी के अनुसार रागों का चयन कर एक शोधयुक्त प्रणाली से प्रतिदिन सुनाया जाये तो निश्चित ही मरीज रागों के स्वरों के प्रभाव से धीरे धीरे LoLFk हो जायेगा | यह प्रणाली एक विश्व विख्यात प्रणाली है |संगीत चिकित्सा का चलन हमारे देश की तुलना में अन्य देशों में अधिक है | शोध के अनुसार कुछ विशेष बीमारियों के उपचार के लिए विशेष रागों का चयन किया गया है जैसे :-
राग रोग
राग पुरिया राग हिंडोल दिल सम्बंधित रोग
दरबारी एवं सोहनी माइग्रेन
तोड़ी एवं भैरव बॉडी पेन
मालकौंस एवं पुरिया शरीर में रक्त शुद्धि
ललित एवं केदार मानसिक बीमारी
जयजयवंती एवं जौनपुरी शुगर की बीमारी
-अनिल काठवा, संगीत शिक्षक
****************************************