आधुनिक होना पुराने मूल्यों की उपेक्षा करना नहीं है

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आधुनिकीकरण का अर्थ है – समय के साथ आगे बढ़ना और उचित रूप से बदलना।  हम अपने पुराने मूल्यों, मूल सिद्धांतों को नहीं छोड़ सकते, जो सदियों से मानव जाति का मार्गदर्शन करते रहे हैं।निःसंदेह आधुनिक होने का अर्थ पुराने मूल्यों की उपेक्षा करना नहीं है ।

यद्यपि आधुनिक परिवर्तनों के बिना हमारे समाज स्थिर, पिछड़े और पतनशील कहलाते हैं, लेकिन सदियों पुराने मूल्यों के बिनाइनका अस्तित्व समाप्त हो जाता है। फिर भीआज हमारी सामाजिक संरचना अच्छी तरह से उन्नत और तेजी से प्रगति कर रही है। क्या यह नहीं दर्शाता है कि आधुनिक विकास और पुराने सिद्धांतों का सह-अस्तित्व होना चाहिए? पुरानी नैतिकता हमारे विशाल सामाजिक ढांचे की जड़ें हैं और उन्हें एक साथ रखती हैं, जबकि समाजों का आधुनिकीकरण किया जा सकता है, जड़ें अपरिवर्तित रहती हैं।

पुराने भारतीय मूल्य जो न केवल समय की परीक्षा और उथल-पुथल का सामना कर चुके हैं, बल्कि आधुनिक विचारों के हमले भी ‘सत्यमेव जयते’, ‘अहिंसा परमो धर्मः’ और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ अर्थात् सत्य, अहिंसा और एक सार्वभौमिक परिवार के विचार हैं। क्या कोई आज उनकी प्रासंगिकता को नकार सकता है ? सत्य के बिना न्याय कैसे हो सकता है, समानता के बिना एकता औरशांति के बिना वैश्वीकरण कैसे हो सकता है?

कोरोना काल के इस महाविपत्ति के समय  में रामायण, महाभारत और श्री कृष्णा जैसे धार्मिक सीरियल का टेलीविजन परपुनः प्रसारण हुआ ।  नई पीढ़ी के बच्चों को इन सीरियलों के प्रसारण सेप्राचीन संस्कृति, संस्कारऔर परम्पराओं  की तस्वीर देखने को मिली ।कोरोना हमारी परम्पराओं, संस्कृति को  हमें वापस लौटाकर  हमारे विचारों,  हमारी मानवता और संवेदनाओं को जगाने आया है,जो सुप्तावस्था मे जा चूकी थी।सारी पुरानीपरम्पराओं को पुनः इस कोरोना काल में  जीवित पाया गया ।लोग पुराने समय मेंबाहर से आकर पहले हाथ-पैर धोकर अंदर प्रवेश करते थे, जो आजकोरोना काल मेंसबसे जरूरी है ।लोग घर से बाहर निकलते समय एक गमछा लेकरनिकलते थे ।ऐसी बहुत सारी बातें हैं, जो इस कोरोनाकाल में  हमारे विचारों को काफी हद तक शुद्ध कर गई ।

इस प्रकार, जबकि आधुनिकीकरण अपरिहार्य है, मैं दृढ़ता से मानता हूं कि बुनियादी मूल्य युगों तक हमारा मार्गदर्शन करने के लिए ठोस आधार बने रहेंगे और आज की दुनिया केवल दोनोंके समायोजन  के कारण विकसित हुई है।

डॉ. राम बाबू शर्मा

टीजीटी (हिंदी तथा संस्कृत)

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